सायनी गुप्ता ने विनीता नेगी पर ठोका 9 करोड़ का मानहानि केस, 'आसमानी' कॉपीराइट विवाद का नया मोड़
बॉलीवुड एक्ट्रेस और अब डायरेक्टर बन चुकीं सायनी गुप्ता एक बड़े कानूनी विवाद में उलझ गई हैं। उन्होंने मुंबई सिटी सिविल कोर्ट में फिल्ममेकर विनीता नेगी के खिलाफ 9 करोड़ रुपये का मानहानि (defamation) का मुकदमा दायर किया है। यह पूरा विवाद सायनी की डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म 'आसमानी' से जुड़ा है।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
FTII (फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया) से पढ़ी विनीता नेगी ने सायनी पर कॉपीराइट उल्लंघन और भरोसे को तोड़ने का आरोप लगाया था। नेगी का दावा था कि सायनी की शॉर्ट फिल्म 'आसमानी' उनकी खुद की अधूरी डॉक्यूमेंट्री 'प्रभा' से काफी हद तक मिलती-जुलती है — दोनों प्रोजेक्ट्स में एक बुजुर्ग महिला और एक पुरानी विंटेज कार जैसे तत्व शामिल हैं। इन आरोपों के चलते न्यूजीलैंड के इंडियन फिल्म फेस्टिवल (TIFFNZ) ने 'आसमानी' को अपने फेस्टिवल से हटा दिया था, जिससे सायनी को सीधा प्रोफेशनल नुकसान हुआ।
सायनी का पलटवार
अब सायनी गुप्ता ने अपने केस में इन आरोपों को झूठा, भ्रामक और मानहानिकारक बताया है। उनका कहना है कि जो समानताएं गिनाई जा रही हैं, वो सिर्फ सामान्य/जेनेरिक आइडिया और एलिमेंट्स हैं, जिन पर कोई कॉपीराइट का दावा नहीं किया जा सकता। सायनी के मुताबिक, नेगी के आरोपों के बाद फिल्म इंडस्ट्री के 250 से ज्यादा लोगों ने एक समर्थन बयान पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन सायनी ने सवाल उठाया कि क्या इन लोगों ने वाकई दोनों फिल्मों को खुद देखकर-परखकर तुलना की थी।
किन-किन को बनाया गया है पार्टी?
इस मुकदमे में सिर्फ विनीता नेगी ही नहीं, बल्कि Meta, Reddit और Deccan Chronicle Holdings Limited जैसी कंपनियों को भी पार्टी बनाया गया है। सायनी ने कोर्ट से मांग की है कि इन प्लेटफॉर्म्स से सभी कथित मानहानिकारक कंटेंट को हटाया जाए। इसके अलावा उन्होंने नेगी से बिना शर्त माफी और पब्लिक रिट्रैक्शन की भी मांग की है। मामले में तत्काल सुनवाई और अंतरिम राहत के लिए अर्जी 3 सितंबर को कोर्ट में लिस्ट होनी थी।
'आसमानी' के बारे में
'आसमानी' सायनी गुप्ता की डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म है, जिसे उन्होंने खुद लिखा और प्रोड्यूस भी किया है। इस शॉर्ट फिल्म में एक्ट्रेस रेवती लीड रोल में हैं, और कहानी एक बुजुर्ग महिला और उनकी नातिन के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें प्यार, बुढ़ापे और आजादी जैसे विषयों को छुआ गया है। इस फिल्म को निखिल आडवाणी और दिया मिर्जा जैसे बड़े नाम एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर सपोर्ट कर रहे हैं।
नोट: यह मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। दोनों पक्षों के आरोप अभी तक कानूनी रूप से साबित नहीं हुए हैं, और अंतिम फैसला कोर्ट में पेश किए गए सबूतों पर निर्भर करेगा।

