पहले समय रैना को लताड़ा, अब उन्हीं के साथ Ad में आए मुकेश खन्ना — ट्रोल होने पर दी सफाई
टीवी के सबसे मशहूर सुपरहीरो 'शक्तिमान' के किरदार से घर-घर में पहचाने जाने वाले एक्टर मुकेश खन्ना एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी पुरानी बयानबाजी और नए फैसले के बीच का टकराव है। समय रैना के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलने वाले मुकेश खन्ना अब उन्हीं के साथ एक विज्ञापन में नजर आए हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर जबरदस्त बवाल मच गया।
पहले क्या कहा था मुकेश खन्ना ने?
यह पूरा विवाद 'इंडियाज गॉट लेटेंट' कॉन्ट्रोवर्सी से जुड़ा है, जब समय रैना ने अपने शो में मुकेश खन्ना और उनके आइकॉनिक किरदार शक्तिमान को लेकर कुछ टिप्पणियां की थीं। इसके जवाब में मुकेश खन्ना ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी थी — उन्होंने समय की तुलना तक कर डाली थी और कहा था कि उन्हें गधे पर बिठाकर घुमाया जाना चाहिए। खन्ना लगातार आधुनिक कॉमेडी और कंटेंट क्रिएटर्स पर अश्लीलता फैलाने और युवाओं को बिगाड़ने का आरोप लगाते रहे थे। उनके इस सख्त रुख को उस वक्त काफी समर्थन भी मिला था।
अब आया यू-टर्न वाला पल
हाल ही में मुकेश खन्ना और समय रैना दोनों एक मोबाइल फोन ब्रांड के विज्ञापन में साथ नजर आए। यह विज्ञापन वायरल होते ही सोशल मीडिया यूजर्स हैरान रह गए और उन्होंने खन्ना पर पाखंड (hypocrisy) का आरोप लगाना शुरू कर दिया। लोगों ने तीखे कमेंट्स करते हुए लिखा कि "शक्तिमान बिक गया", "पैसा बोलता है", और "ना बाप बड़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपैया" जैसे तंज कसे गए।
मुकेश खन्ना की सफाई
बढ़ते ट्रोलिंग के बीच मुकेश खन्ना ने खुलकर अपनी सफाई दी। उन्होंने बताया कि यह विज्ञापन सिर्फ एक मोबाइल ब्रांड का प्रोजेक्ट था, ना कि समय रैना या उनके शो के साथ कोई सहयोग। खन्ना के मुताबिक, ब्रांड को उन्हें मनाने में करीब 10 दिन लगे, और उन्होंने प्रोजेक्ट के लिए तभी हामी भरी जब उन्हें स्क्रिप्ट दिखाई गई और भरोसा दिलाया गया कि जरूरत पड़ने पर बदलाव किए जा सकते हैं।
अपनी सफाई में खन्ना ने साफ कहा कि उन्होंने कभी समय रैना की तारीफ नहीं की और ना ही उनके शो का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सच में "खरीदा" गया होता, तो वो समय के खिलाफ बोलना बंद कर देते। खन्ना का सबसे चर्चित बयान रहा — "शक्तिमान नहीं बिक सकता है, मैं उसके शो में नहीं गया।" उन्होंने यह भी याद दिलाया कि उन्होंने इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले की भी आलोचना की थी।
क्यों है यह इतना बड़ा टॉपिक?
यह पूरा मामला दिलचस्प इसलिए बन गया है क्योंकि यह दिखाता है कि सोशल मीडिया के इस दौर में इमेज और नैरेटिव कितनी जल्दी बदल सकते हैं। एक तरफ शक्तिमान जैसे आदर्शवादी किरदार के लिए मशहूर एक्टर, दूसरी तरफ प्रोफेशनल कमिटमेंट्स की मजबूरी — फैंस के बीच बहस छिड़ गई है कि क्या यह वाकई "बिकना" है, या सिर्फ एक प्रोफेशनल विज्ञापन डील। कमेंट सेक्शन में लोग दोनों तरफ बंटे हुए नजर आ रहे हैं।

