शाहरुख खान नहीं, 'स्वदेश' पहले आमिर खान के लिए लिखी गई थी — आर माधवन ने भी दिया था ऑडिशन
शाहरुख खान की 'स्वदेश' उनके करियर की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह भूमिका शुरुआत में शाहरुख के लिए बनाई ही नहीं गई थी। फिल्म के सह-लेखक अमीन हाजी ने अब खुद इस बड़े खुलासे की पुष्टि की है।
पहले आमिर खान के लिए लिखी गई थी कहानी
सिद्धार्थ कन्नन से बातचीत में अमीन हाजी ने बताया कि 'स्वदेश' असल में आमिर खान को ध्यान में रखकर लिखी गई थी। 'लगान' की जबरदस्त सफलता के बाद, यह फिल्म आशुतोष गोवारिकर और आमिर खान की अगली साझेदारी के तौर पर सोची गई थी। हाजी के अनुसार शुरुआत से ही यह भूमिका आमिर के लिए ही तय थी, लेकिन बाद में किन्हीं वजहों से यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पाया।
ऋतिक रोशन को भी सुनाई गई थी कहानी
अमीन हाजी ने यह भी बताया कि लेखन टीम ने फिल्म की कहानी ऋतिक रोशन को भी सुनाई थी। हालांकि किसी कारणवश ऋतिक इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बन पाए, और अंततः यह भूमिका शाहरुख खान के पास पहुंची, जिन्होंने मोहन भार्गव के किरदार को अपने करियर की सबसे यादगार परफॉर्मेंस में बदल दिया।
आर माधवन ने भी दिया था ऑडिशन
सबसे दिलचस्प खुलासा यह रहा कि आर माधवन ने भी इस भूमिका के लिए ऑडिशन दिया था। अमीन हाजी ने उनकी तारीफ करते हुए बताया कि माधवन का ऑडिशन बेहद प्रभावशाली रहा था और उन्होंने अपने प्रदर्शन से सबको प्रभावित कर दिया था। हाजी के मुताबिक माधवन वाकई एक बेहतरीन अभिनेता हैं, जिनका ऑडिशन देखकर टीम काफी प्रभावित हुई थी।
फिल्म ने रचा इतिहास, भले बॉक्स ऑफिस पर रही कमजोर
2004 में प्रदर्शित 'स्वदेश' बॉक्स ऑफिस पर उतनी सफल नहीं रही जितनी उम्मीद थी, लेकिन आलोचकों और दर्शकों के बीच इसे शाहरुख खान के करियर की सबसे परिपक्व और संवेदनशील भूमिकाओं में गिना जाता है। इस फिल्म के लिए शाहरुख को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला था। खुद शाहरुख ने एक बार बताया था कि इस फिल्म को बनाने का अनुभव इतना भावनात्मक था कि उन्होंने तैयार फिल्म देखी ही नहीं, क्योंकि वो उस अनुभूति को खत्म नहीं करना चाहते थे।
क्यों अहम है यह खुलासा?
यह जानकारी दिखाती है कि बॉलीवुड की कई मशहूर फिल्में शुरुआत में किसी और सोच के साथ बनाई जाती हैं, लेकिन समय और परिस्थितियां किस तरह इतिहास बदल देती हैं। अगर आमिर खान, ऋतिक रोशन या आर माधवन में से कोई भी यह भूमिका निभाता, तो शायद फिल्म का असर और उसकी पहचान बिल्कुल अलग होती। आज 'स्वदेश' और शाहरुख खान का नाम एक-दूसरे से इस कदर जुड़ चुका है कि किसी और अभिनेता की कल्पना करना भी मुश्किल लगता है।

